Priya or Raghav: दिल्ली की हल्की सर्दी और हल्की बूंदाबांदी ने शहर की खूबसूरती को और भी बढ़ा दिया था। प्रिया, जो एक फोटोग्राफर थी, कनॉट प्लेस के एक कैफे में बैठी अपनी नई असाइनमेंट के बारे में सोच रही थी। उसकी नजर अचानक सामने बैठे एक लड़के पर पड़ी। काले बाल, गहरी भूरी आंखें और हल्की-सी मुस्कान—कुछ तो अलग था उसमें। वह उसे देखती ही रह गई।
राघव, जो एक पत्रकार था, वहां अपनी स्टोरी के लिए रिसर्च कर रहा था। प्रिया की नजरों को महसूस कर उसने हल्की मुस्कान दी और उसकी टेबल के पास आकर कहा, “क्या मैं यहां बैठ सकता हूं?”
प्रिया थोड़ी घबराई, लेकिन फिर उसने सिर हिलाकर इजाजत दे दी। दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे एक-दूसरे के बारे में जानने लगे। राघव की बातें मज़ेदार थीं, और प्रिया की हंसी ने माहौल को और खुशनुमा बना दिया।
उनकी मुलाकातें बढ़ने लगीं। दोनों को एक-दूसरे की कंपनी इतनी पसंद आने लगी कि हर दिन एक नया एडवेंचर बन गया। कभी इंडिया गेट पर घंटों बातें, कभी कैफे में बैठकर कॉफी के साथ फिल्मी चर्चाएं।
एक दिन, राघव ने प्रिया को एक खास जगह ले जाने का फैसला किया। वह उसे दिल्ली के एक पुराने किले में ले गया। शाम का समय था, सूरज ढल रहा था, और आसमान सुनहरी रोशनी में रंगा हुआ था।
“प्रिया, क्या तुमने कभी सोचा है कि जिंदगी इतनी खूबसूरत हो सकती है?” राघव ने कहा।
प्रिया मुस्कराई, “जब से तुम्हें मिला हूँ, तब से हर पल खास लगता है।”
राघव ने धीरे-से उसका हाथ थामा, उसकी आंखों में देखा और कहा, “मैं तुमसे प्यार करता हूँ, प्रिया।”
प्रिया का दिल तेजी से धड़कने लगा। उसने धीरे से राघव के चेहरे को छुआ और हल्की-सी मुस्कान के साथ कहा, “मैं भी तुमसे बहुत प्यार करती हूँ।”
उस सुनहरे पल में, दोनों ने एक-दूसरे को एक गहरी, सच्ची और रोमांटिक किस दी। हवाओं में रोमांस घुल चुका था, और उनका प्यार अपने सबसे खूबसूरत दौर में पहुंच चुका था।
सब कुछ खूबसूरती से चल रहा था, लेकिन किसी ने सोचा भी नहीं था कि उनकी प्रेम कहानी में एक बड़ा तूफान आने वाला है।
एक दिन, प्रिया को एक अनजान नंबर से कॉल आई। “अगर तुम राघव से प्यार करती हो तो उससे दूर हो जाओ, वरना अंजाम बुरा होगा!”
प्रिया चौंक गई। उसने तुरंत राघव को कॉल किया और मिलने को कहा। जब वे मिले, तो उसने सब कुछ बता दिया। राघव के चेहरे पर गंभीरता आ गई।
“प्रिया, मुझे शक है कि यह किसी पुरानी स्टोरी से जुड़ा हुआ है। मैंने कुछ समय पहले एक खतरनाक गैंगस्टर के खिलाफ स्टोरी की थी। शायद वो लोग मुझसे बदला लेना चाहते हैं,” राघव ने गंभीरता से कहा।
प्रिया डर गई, लेकिन उसने राघव का हाथ थाम लिया, “मैं तुम्हारे साथ हूँ, चाहे कुछ भी हो।”
अगले ही दिन, राघव के ऑफिस के बाहर एक संदिग्ध कार खड़ी मिली। उसकी बाइक की ब्रेक वायर किसी ने काट दी थी। यह साफ था कि खतरा बहुत बड़ा था।
राघव ने पुलिस को जानकारी दी, लेकिन मामला और उलझ गया जब प्रिया का अपहरण हो गया।
राघव को एक मैसेज मिला: “अगर अपनी गर्लफ्रेंड को जिंदा देखना चाहते हो तो अपनी पुरानी स्टोरी डिलीट कर दो।”
राघव को लगा जैसे जमीन उसके पैरों के नीचे से खिसक गई हो। उसने पुलिस की मदद ली और एक गुप्त लोकेशन ट्रैक कर लिया, जहां प्रिया को रखा गया था।
राघव वहां पहुंचा और किसी तरह प्रिया को छुड़ा लाया। लेकिन यह सब इतना आसान नहीं था। दोनों को अपनी जान बचाकर वहां से भागना पड़ा। किसी तरह पुलिस समय पर पहुंची और उन गुंडों को पकड़ लिया गया।
इस हादसे के बाद, राघव ने महसूस किया कि प्यार केवल खुशी के पलों में नहीं बल्कि मुश्किल हालात में भी एक-दूसरे का साथ देने में होता है।
कुछ महीने बाद, एक खूबसूरत शाम, इंडिया गेट के सामने, राघव ने घुटनों पर बैठकर प्रिया को प्रपोज किया।
“क्या तुम मेरी जिंदगी का हिस्सा बनोगी, हमेशा के लिए?”
प्रिया की आंखों में आंसू आ गए, लेकिन ये आंसू खुशी के थे। उसने तुरंत हां कह दिया और एक प्यार भरी किस के साथ अपनी जिंदगी को राघव के नाम कर दिया।